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दहेज के दस हजार के लिये दरवाजे से लौटी बारात

देवताल गाउपालिका सामाजिक शंदेश
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cin bigyapan
प्रसौनी गापा सामाजिक संदेश ०७८
राजेश कुमार शर्मा, जोगबानी/न्यूज़ वर्ल्ड ।।  दस हजार रुपये के लिए पिता के दरवाजे से उसकीबेटी की बारात लौट जाने का मामला सामने आया है। मामला भारत नेपाल सीमा से सटे अररिया जिले के रानीगंज थाना क्षेत्र का है।गुरुवार की रात लड़की की शादी की सारी तैयारी धरी की धरी तब रह गयी जब दूल्हा दस हजार रुपये की मांग करने लगा। लड़की के पिता के लाख आरजू मिन्नत के बाद भी लड़के वाले नहीं माने और बिन ब्याहे लौट गये।
शुक्रवार की सुबह दुल्हन के पिता ने बताया कि उनकी पुत्री की शादी भरगामा थाना क्षेत्र के सिरसिया कला निवासी आनंदी ऋषिदेव के पुत्र हीरा ऋषिदेव के साथ तय हुई थी। उन्होंने बताया कि अपने सार्मथ के अनुसार साजोसामान के साथ 50 हजार में शादी तय हुई थी। पहले शादी की तारीख 17 अप्रैल को तय थी, लेकिन बाद में दोनों पक्षों की सहमति के बाद 25 अप्रैल को शादी की तारीख तय हुई। 25 अप्रैल की रात को करीब साढ़े दस बजे सिरसिया कला से दो ऑटो व एक बलेरो में करीब 40 लोग बाराती पहुंचे।
बारात दरवाजा लगते ही लड़की पक्ष ने स्वागत में नास्ता दिया। लेकिन लड़का पक्ष के लोगों ने नास्ता करने से मना कर दिया और दस हजार रुपये की मांग करने लगे। लड़की के पिता ने बताया कि शादी का रिश्ता 50 हजार में तय हुआ था। 40 हजार रुपये दिया गया था। 10 हजार बाकी था। जब बारात आयी तो वर पक्ष के लोग बाकी के 10 हजार रुपये मांगने लगे। जबकि लड़की के पिता कुछ समय मोहलत की बात कहते रहे। इसी दौरान आंधी बारिश के बीच चुपचाप लड़के वाले भाग गए। बारात निकल जाने के बाद आसपास के लोगों की सहायता से बाइक से रानीगंज तक पीछा भी किया गया, लेकिन कोई बाराती नहीं मिला।
बाद में जब लड़की के पिता ने फोन पर वर पक्ष के लोगों से संपर्क किया तो वे लोग पहले दस हजार की मांग करने लगे और अभद्र बात करने लगे। बारात के वापस जाने पर लड़की के पिता बदहवास हैं। सारी तैयारी धरी की धरी रह गयी। सारा खाना बर्बाद हो गया। लड़की के पिता ने बताया कि करीब डेढ़ लाख रुपये उनका बर्बाद हो गये जो जीवन भर पेट काटकर जमा किया था। वहीं दूसरी और लड़की के पिता ने बताया कि अब लोभी लोग के यहां क्या रिश्ता रखना है जितना खर्च हुआ है वो वापस कर दें। वहीं लड़की पक्ष के लोग पुलिस से शिकायत करने से भी बचते नजर आए।
फेटा गापा सामाजिक संदेश ०७८
cin bigyapan
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