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थानाध्यक्ष बलात्कार पीड़िता से 2 दिनों से लगवाया रहे थाने का चक्करकमरे में सोए थानाध्यक्ष को जगाया तो हो गए आगबबूला

देवताल गाउपालिका सामाजिक शंदेश
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cin bigyapan
प्रसौनी गापा सामाजिक संदेश ०७८
cin bigyapan

मामला मधुबनी टीओपी थाने का
पूर्णिया/मोहित
बिहार के डीजीपी पूर्णिया आये थे और जाते जाते उन्होंने कहा था कि 15 दिन में फर्क पड़ेगा। 15 दिन में यह फर्क पड़ा कि बलात्कार पीड़िता को थाना से डाँट डपट कर थानाध्यक्ष महिला थाना भेज रहे है, वहीं महिला थाना भी उसे डॉट कर संबंधित थाना भेज रही है। दुबारा पीड़िता जब थाना आती है तो थानाध्यक्ष सो रहे होते है। जगाने पर आग बबूला भी हो जाते है।लगातार 3 दिनों तक दौड़ने के बाद मीडिया के हस्तक्षेप के बाद थाने ने सुधि ली।
तो यह फर्क पड़ा है डीजीपी के आने के बाद। लगातार विवादो में रहने वाला मधुबनी टीओपी थाना एकबार फिर सुर्खियों में है। थाना क्षेत्र मधुबनी मैथिल टोला की 17 वर्षीय युवती के साथ 50 वर्षीय शख्स ने हवस का शिकार बनाया। पीड़िता की माँ ने बताया कि वे काझा स्थित अपने रिस्तेदार के यहाँ उत्सव में गए हुए थे। जब वह 26 तारिख को वापस आयी तो बेटी उसे देखकर रोने लगी। पूछने पर उसने बताया कि जब वह कोंचिंग से घर वापस आ रही थी तो बगल के पड़ोसी सुनील पासवान हाथ पकड़ कर घर मे धक्का दे दिया, जिसके बाद जबरदस्ती बलात्कार किया।
परिजन को यह बात पता चलने पर सभी आरोपी के घर गए जहाँ मारपीट हो गई। धीरे धीरे मोहल्ले के सभी औरतों को यह बात पता चली। शाम को दर्जनों की संख्या में पीड़िता को लेकर महिलाये टीओपी थाना पहुँची। पीड़िता के नाना ने बताया कि थाना में धीरेंद्र नाम का मुंशी आवेदन को लेकर महिला थाना जाने को कहा। सभी लोग जब महिला थाना गए तो वहाँ टीओपी थाना का मामला बताकर वापस भेज दिया। जब दुबारा रात में सभी लोग टीओपी थाना गए तो वहाँ आवेदन गलत है कहकर सुबह आने को कहा।
शनिवार को जब सभी लोग पुनः थाना आये तो बताया गया कि यह महिला से संबंधित केस है। ऐसा केस महिला थाना ही दर्ज करेगा। लेकिन जब लोगो ने इसका विरोध किया तो थानाध्यक्ष सोने का हवाला देकर इंतज़ार करने को कहा। बाहर दर्जनों महिलाएं इंतज़ार कर रही थी, वही थानाध्यक्ष अपने कमरे में आराम फरमा रहे थे। इसी बीच किसी ने थानाध्यक्ष को जगाने की जुर्रत कर ली। जिसके बाद थानाध्यक्ष ने डॉट कर सभी को महिला थाना जाने को कहा। यह बात जैसे ही मीडियाकर्मियों को पता चला वे टीओपी थाना पहुँच गए। जब 3 दिनों से थाना का दौर लगाने की बाबत पूछी गई तो सभी पुलिसकर्मी मीडिया के सवाल से भागते नजर आए। शहर में बात फैलने के बाद थानाध्यक्ष ने पीड़िता का आवेदन लिया और पूछताछ जारी कर दी है। इधर हंगामे की भनक लगते ही सभी आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए है।

फेटा गापा सामाजिक संदेश ०७८
cin bigyapan